जगन्नाथ रथ यात्रा 2026: पुरी से अहमदाबाद तक भक्ति का महासागर, लाखों श्रद्धालु बने ऐतिहासिक यात्रा के साक्षी

पुरी/अहमदाबाद: भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा का शुभारंभ पूरे देश में श्रद्धा, उत्साह और भक्ति के वातावरण के बीच हुआ। ओडिशा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से निकली इस ऐतिहासिक यात्रा में लाखों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। वहीं गुजरात के अहमदाबाद सहित देश के कई शहरों में भी भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथ यात्राएं निकाली गईं, जिनमें भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ा।

रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा अपने-अपने सुसज्जित रथों पर विराजमान होकर गुंडिचा मंदिर की ओर प्रस्थान करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह यात्रा भगवान के अपने भक्तों के बीच आने और उन्हें दर्शन देने का प्रतीक मानी जाती है।

पुरी में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच रथ यात्रा का शुभारंभ हुआ। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं और हजारों पुलिसकर्मी एवं सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

अहमदाबाद में भी भगवान जगन्नाथ की पारंपरिक रथ यात्रा पूरे धार्मिक उल्लास के साथ निकाली गई। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया और जगह-जगह भंडारों तथा सेवा शिविरों का आयोजन किया गया। यात्रा के दौरान सांस्कृतिक झांकियां और धार्मिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।

इस वर्ष रथ यात्रा की शुरुआत आज से हुई है और धार्मिक परंपरा के अनुसार इसका समापन 27 जुलाई 2026 को नीलाद्री बीजे अनुष्ठान के साथ होगा। इस अवधि में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

जगन्नाथ रथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

नोट: यदि आप रथ यात्रा में शामिल होने जा रहे हैं, तो प्रशासन द्वारा जारी यातायात और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन अवश्य करें।