साइबर क्राइम शिकायत पोर्टलों में तकनीकी समस्याओं का दावा, पीड़ितों ने जताई चिंता

देशभर में साइबर अपराध के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। ऐसे मामलों में पीड़ितों की सहायता के लिए सरकार ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराई है। हालांकि, कुछ शिकायतकर्ताओं ने दावा किया है कि शिकायत दर्ज करने के दौरान उन्हें राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल और उत्तर प्रदेश पुलिस के ई-एफआईआर पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल को लेकर क्या है दावा?

कुछ पीड़ितों के अनुसार, जीमेल अकाउंट हैक होने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने का प्रयास किया। उनका कहना है कि शिकायत फॉर्म भरने के बाद सबमिट प्रक्रिया के दौरान शिकायतकर्ता की व्यक्तिगत जानकारी स्वतः बदलती हुई दिखाई देती है।

दावों के मुताबिक, यदि शिकायतकर्ता स्वयं (Self) का विकल्प चुनता है तो अंतिम चरण में वह “Husband” के रूप में दिखाई देता है। इसी तरह जेंडर से जुड़ी जानकारी भी बदलने का दावा किया गया है। कुछ मामलों में मेल (Male) की जगह फीमेल (Female) और ट्रांसजेंडर (Transgender) की जगह मेल (Male) प्रदर्शित होने की बात कही गई है।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

शिकायत की विश्वसनीयता को लेकर चिंता

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि शिकायत में दर्ज मूल व्यक्तिगत जानकारी ही सही तरीके से प्रदर्शित नहीं होती, तो इससे शिकायत की विश्वसनीयता और आगे होने वाली जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। उनका मानना है कि ऐसी तकनीकी खामियां समय रहते दूर की जानी चाहिए ताकि शिकायत प्रक्रिया अधिक भरोसेमंद बन सके।

यूपी पुलिस ई-एफआईआर पोर्टल पर भी तकनीकी परेशानी का दावा

कुछ उपयोगकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश पुलिस के ई-एफआईआर पोर्टल पर भी तकनीकी समस्या होने का दावा किया है। उनके अनुसार, सही यूजर आईडी और पासवर्ड दर्ज करने के बावजूद लॉगिन बटन काम नहीं करता, जिससे पोर्टल में प्रवेश नहीं हो पाता और ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया अधूरी रह जाती है।

इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

नागरिकों के सामने बड़ी चुनौती

साइबर अपराध के मामलों में समय पर शिकायत दर्ज करना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि शिकायत दर्ज कराने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर तकनीकी दिक्कतें आती हैं, तो इससे पीड़ितों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञ भी समय-समय पर सुझाव देते हैं कि ऐसे मामलों में स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें, हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें और यदि ऑनलाइन पोर्टल काम न करे तो संबंधित पुलिस स्टेशन या साइबर सेल से भी संपर्क किया जाए।

आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल और उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से इन कथित तकनीकी समस्याओं पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। यदि भविष्य में संबंधित विभाग स्पष्टीकरण या अपडेट जारी करता है, तो स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।