नई दिल्ली
संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा में पेपर लीक के मुद्दे तथा दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। विपक्षी दलों ने सरकार से इस पूरे मामले पर तत्काल चर्चा कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। उनका आरोप था कि देशभर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। साथ ही दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।
लगातार हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा में सामान्य कार्यवाही नहीं चल सकी। पीठासीन अधिकारियों ने सांसदों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने और सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की, लेकिन शोर-शराबा जारी रहने पर दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई।
विपक्ष ने मांग की कि सरकार पेपर लीक की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराए, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करे। वहीं सरकार की ओर से कहा गया कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं तथा कानून के तहत दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
संसद के बाहर भी विपक्षी नेताओं ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। दूसरी ओर सत्तापक्ष ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया और कहा कि महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को बाधित करना उचित नहीं है।
आने वाले दिनों में पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।