नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र और शिक्षा सुधार से जुड़े आंदोलन में देश-विदेश से लोगों का समर्थन लगातार देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में ऑस्ट्रेलिया से भारत पहुंचे दानिश भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि हजारों किलोमीटर की यात्रा कर आंदोलन में शामिल होने का उनका उद्देश्य केवल एक व्यक्ति का समर्थन करना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और युवाओं की आवाज़ को मजबूती देना है।
दानिश ने बातचीत के दौरान कहा कि विदेश में रहने के बावजूद वे भारत के छात्रों से जुड़े मुद्दों पर लगातार नज़र रखते हैं। उनका मानना है कि यदि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास कमजोर होता है तो इसका असर देश के भविष्य पर पड़ता है। इसी सोच के साथ उन्होंने भारत आकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इन दिनों जंतर-मंतर पर विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन जारी है। आंदोलन में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही जैसी मांगें प्रमुख रूप से उठाई जा रही हैं। हाल के दिनों में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन और देशभर से मिल रहे समर्थन के बाद इस आंदोलन ने व्यापक चर्चा बटोरी है।
प्रदर्शन में शामिल कई लोगों का कहना है कि यह केवल किसी एक परीक्षा या एक घटना का मामला नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में भरोसा कायम रखने का सवाल है। यही कारण है कि देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ विदेशों में रहने वाले भारतीय भी इस आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त कर रहे हैं।
हालांकि, दानिश के व्यक्तिगत दावों या उनके बयान की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। उनका पक्ष एक मीडिया बातचीत के आधार पर सामने आया है। वहीं, आंदोलन को लेकर प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद और सुरक्षा व्यवस्था पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।