सोनम वांगचुक के जारी भूख हड़ताल आंदोलन के बीच देश में एक बार फिर स्वतंत्रता सेनानी पोत्ती श्रीरामुलु के ऐतिहासिक अनशन और उनके बलिदान की चर्चा तेज हो गई है। उनका आंदोलन भारत में भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन की दिशा में एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ।