2 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी का देशव्यापी प्रदर्शन, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग; मुंबई में ‘जेल भरो आंदोलन’ का ऐलान

2 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली/मुंबई: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर 2026, गांधी जयंती से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि आंदोलन की शुरुआत मुंबई से की जाएगी और इसके बाद इसे देश के अन्य शहरों तक ले जाने की योजना है।

क्या है CJP की मांग?

कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े कई मुद्दे उठाए हैं। पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को रोकने और मतदाता सूची को जनवरी 2025 की स्थिति में बहाल करने जैसी मांगें भी रखी हैं। इसके अलावा पार्टी ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून में बदलाव की मांग की है।

2 अक्टूबर से आंदोलन शुरू करने का ऐलान

CJP ने 25 सितंबर को घोषणा की थी कि यदि ज्ञानेश कुमार निर्धारित समय में इस्तीफा नहीं देते हैं तो 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। पार्टी के मुताबिक, गांधी जयंती के दिन मुंबई से इस अभियान की शुरुआत करने की योजना है।

मुंबई में प्रदर्शन को नहीं मिली अनुमति

मुंबई में CJP ने शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को प्रदर्शन की योजना बनाई थी। हालांकि, मुंबई पुलिस ने इस स्थान पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। पुलिस की ओर से हाई कोर्ट के निर्देशों, नागरिक अनुमति और संभावित यातायात संबंधी समस्याओं का हवाला दिया गया है।

अनुमति नहीं मिलने के बाद अभिजीत दीपके ने 2 अक्टूबर को मुंबई में ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू करने की बात कही है।

दिल्ली के जंतर-मंतर को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं

दिल्ली में 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर भी 29 सितंबर तक दिल्ली पुलिस की अनुमति नहीं मिली थी। रिपोर्टों के अनुसार, इस प्रदर्शन में CJP के अलावा कुछ अन्य राजनीतिक और नागरिक समूहों के शामिल होने की संभावना जताई गई थी।

SIR को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर राजनीतिक दलों और कुछ संगठनों ने सवाल उठाए हैं। वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि बहु-सदस्यीय आयोग में अलग-अलग विचार सामने आना संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है और SIR से जुड़े अंतिम निर्णय प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं। आयोग ने मतदाता सूची से जुड़े सॉफ्टवेयर और प्रक्रियाओं की समीक्षा की घोषणा भी की है।

आगे क्या?

2 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन को लेकर अब मुख्य सवाल यह है कि CJP मुंबई में किस तरीके से अपना कार्यक्रम आयोजित करती है और दिल्ली में जंतर-मंतर के लिए अनुमति मिलती है या नहीं। मुंबई में पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बाद पार्टी ने ‘जेल भरो आंदोलन’ का विकल्प सामने रखा है। स्थिति में बदलाव होने पर प्रदर्शन का स्थान और कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है।

नोट: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और संबंधित पक्षों के सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। प्रदर्शन की अनुमति और स्थान से जुड़ी स्थिति 2 अक्टूबर से पहले बदल सकती है।