उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद अपनी नई राजनीतिक पारी का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा है कि वह किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी, बल्कि आम जनता के मुद्दों को केंद्र में रखकर एक नया राजनीतिक मंच तैयार करेंगी।
दिव्या मित्तल वर्ष 2013 बैच की आईएएस अधिकारी रही हैं। उन्होंने करीब 13 वर्षों तक प्रशासनिक सेवा में काम किया। उनका इस्तीफा केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने स्वीकार किया था और यह 15 सितंबर 2026 से प्रभावी हुआ।
राजनीति में आने का ऐलान
दिव्या मित्तल ने अपने राजनीतिक कदम को लेकर स्पष्ट किया कि वह किसी मौजूदा राजनीतिक दल का हिस्सा बनने के बजाय जनता के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहती हैं। उनका कहना है कि राजनीति का उद्देश्य केवल किसी एक नेता को बदलना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं और व्यवस्था से जुड़े सवालों को सामने लाना होना चाहिए।
उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए यहीं से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने की बात कही है।
जनता के मुद्दों पर रहेगा फोकस
पूर्व आईएएस अधिकारी ने अपने प्रशासनिक अनुभव का हवाला देते हुए कई जमीनी समस्याओं का उल्लेख किया। इनमें ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, खराब सड़कें, रोजगार से जुड़े सवाल, शिक्षा व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे मुद्दे शामिल हैं।
दिव्या मित्तल के अनुसार, प्रशासनिक व्यवस्था में कई बार योजनाएं और संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद उनका अपेक्षित परिणाम आम लोगों तक नहीं पहुंच पाता। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सामने आए ऐसे अनुभवों का भी जिक्र किया।
13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद नई पारी
दिव्या मित्तल ने अगस्त 2026 में प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उस समय उन्होंने निजी और पारिवारिक कारणों तथा जीवन के नए लक्ष्यों का उल्लेख किया था। बाद में 15 सितंबर को उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से प्रभावी हो गया।
उनका प्रशासनिक कार्यकाल उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में रहा। वह मिर्जापुर, संतकबीरनगर और देवरिया सहित कई जगहों पर जिलाधिकारी के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।
किसी पार्टी में शामिल नहीं होंगी
दिव्या मित्तल ने फिलहाल किसी राजनीतिक दल में शामिल होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वह जनता के साथ सीधे जुड़कर एक स्वतंत्र राजनीतिक मंच बनाने की दिशा में काम करेंगी। उनके मुताबिक इस पहल में जातीय समीकरण या केवल चुनावी राजनीति के बजाय जनता की समस्याओं और जनसमर्थन को महत्व दिया जाएगा।
आगे क्या होगा?
अब दिव्या मित्तल की नई राजनीतिक पहल किस स्वरूप में सामने आती है और इसका संगठनात्मक ढांचा क्या होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल उन्होंने उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने और आम लोगों से सीधे जुड़ने की बात कही है।
निष्कर्ष
आईएएस सेवा से करीब 13 साल बाद अलग होने के बाद दिव्या मित्तल ने अब राजनीति के क्षेत्र में कदम रखने का फैसला किया है। उनका कहना है कि वह किसी दल के साथ जुड़ने के बजाय जनता के मुद्दों पर आधारित स्वतंत्र राजनीतिक मंच तैयार करेंगी। आने वाले दिनों में इस मंच का स्वरूप और उनकी आगे की राजनीतिक रणनीति अधिक स्पष्ट हो सकती है।